# वैदिक ज्योतिष शब्दावली -- नक्षत्र, दशा, भाव और अधिक

> वैदिक ज्योतिष के मूल शब्दों का सरल अर्थ -- नक्षत्र, दशा, भाव, राशि, दोष, योग और अधिक -- हर शब्द के साथ संस्कृत व्युत्पत्ति, एक असली कुंडली का उदाहरण, और ईमानदार मिथक बनाम सच्चाई।
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49 शब्द - वैदिक ज्योतिष

## वैदिक ज्योतिष शब्दावली

ज्योतिष के मूल शब्दों का सरल हिंदी में अर्थ -- नक्षत्र, दशा, भाव, दोष, और भी बहुत कुछ -- हर शब्द के साथ उसकी संस्कृत जड़, एक असली कुंडली से लिया गया उदाहरण, और वह ईमानदार सच्चाई जिसे ज़्यादातर वेबसाइटें छोड़ देती हैं।

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[कुंडली की मूल बातें](#chart-basics)[समय व भविष्यवाणी](#time-prediction)[नक्षत्र](#nakshatras)[पंचांग व मुहूर्त](#panchang-muhurat)[दोष व योग](#doshas-yogas)[उपाय](#remedies)[ग्रह](#grahas-planets)

22 शब्द

## कुंडली की मूल बातें

[कुंडली (Kundli)Kundaliकुंडली ज्योतिष में उस चार्ट-आकृति का सामान्य नाम है जो किसी क्षण के ग्रहों की निरयन स्थिति, लग्न और बारह भावों को एक चित्र में दर्शाती है।](https://merirashi.com/hi/glossary/kundli)

[जन्म कुंडली (Janam Kundali)Janma Kundaliजन्म कुंडली विशेष रूप से जातक के सटीक जन्म-क्षण और स्थान के लिए बनी नैसर्गिक चार्ट है, जबकि कुंडली एक व्यापक शब्द है जो किसी भी प्रकार के चार्ट के लिए प्रयुक्त होता है।](https://merirashi.com/hi/glossary/janam-kundali)

[लग्न (Lagna)Lagnaलग्न जन्म के ठीक क्षण और स्थान पर पूर्वी क्षितिज पर उदित हो रही राशिचक्र की डिग्री है, जो पहला भाव बनकर पूरी कुंडली का प्राथमिक संदर्भ-बिंदु बन जाती है।](https://merirashi.com/hi/glossary/lagna)

[राशि (Rashi)Rashiराशि निरयन राशिचक्र का 30-डिग्री विभाजन है जिसमें कोई ग्रह स्थित होता है, मेष से मीन तक बारह राशियों में से एक, प्रत्येक का स्वामी एक विशेष ग्रह होता है।](https://merirashi.com/hi/glossary/rashi)

[भाव (Bhava)Bhavaभाव वैदिक ज्योतिष का एक घर है, बारह जीवन-क्षेत्रों में से एक -- स्व, धन, विवाह, करियर आदि -- जिसे लग्न से गिना जाता है, राशि से अलग समझा जाना चाहिए।](https://merirashi.com/hi/glossary/bhava)

[ग्रह (Graha)Grahaग्रह वैदिक ज्योतिष में उन नौ चार्ट-निकायों के लिए शब्द है, सूर्य से शनि तक और राहु-केतु सहित, जिन्हें वैदिक ज्योतिष ग्रह-प्रभाव के रूप में पढ़ता है, यह आधुनिक खगोलीय ग्रह-सूची से अलग है।](https://merirashi.com/hi/glossary/graha)

[नवमांश (Navamsa / D9)Navamshaनवमांश, या D9, वह वर्ग कुंडली है जो हर राशि को नौ भागों में बाँटकर बनाई जाती है; यह मुख्य D1 के बाद विवाह और वास्तविक ग्रह-शक्ति आँकने के लिए सबसे महत्वपूर्ण चार्ट है।](https://merirashi.com/hi/glossary/navamsa)

[वर्ग कुंडली (Divisional Charts)Vargaवर्ग कुंडली जन्म कुंडली के डेटा को विशेष D-चार्टों में फिर से काटती हैं, समग्र जीवन के लिए D1 से लेकर विवाह के लिए D9 तक और बारीक विवरण के लिए D60 तक, हर एक एक जीवन-विषय पर केंद्रित।](https://merirashi.com/hi/glossary/divisional-charts)

[कारक (Karaka)Karakaकारक का मतलब है सूचक -- एक ग्रह जो अपने अंतर्निहित स्वभाव से किसी व्यक्ति या जीवन-विषय का प्रतिनिधित्व करता है, चाहे वह स्थिर नैसर्गिक कारक हो या कुंडली-विशेष चर कारक, वह किस भाव में बैठा है इससे स्वतंत्र।](https://merirashi.com/hi/glossary/karaka)

[केंद्र (Kendra)Kendraकेंद्र का अर्थ है कोणीय भाव -- पहला, चौथा, सातवां और दसवां भाव, जिन्हें कुंडली के सबसे बलवान और कर्म-प्रधान भाव माना जाता है और जो क्रमशः स्वयं, घर, साझेदारी व करियर को दर्शाते हैं।](https://merirashi.com/hi/glossary/kendra)

[त्रिकोण (Trikona)Trikonaत्रिकोण यानी त्रिभुज भाव -- लग्न से पहला, पांचवां और नौवां भाव -- वैदिक ज्योतिष में भाग्य, धर्म और संचित पुण्य के स्थान माने जाते हैं, जिनके इर्द-गिर्द अन्य भाव-समूह गढ़े जाते हैं।](https://merirashi.com/hi/glossary/trikona)

[दुस्थान (Dusthana)Dusthanaदुस्थान का अर्थ है छठा, आठवां और बारहवां भाव -- कुंडली के संघर्ष, रूपांतरण और मुक्ति के क्षेत्र, जिन्हें शास्त्र चुनौतीपूर्ण मानते हैं, न कि शापित या नैतिक रूप से बुरा।](https://merirashi.com/hi/glossary/dusthana)

[उपचय (Upachaya)Upachayaउपचय भाव लग्न से तीसरा, छठा, दसवां और ग्यारहवां भाव हैं -- कुंडली के विकास-क्षेत्र, जहां परिणाम समय के साथ सुधरते हैं और स्वाभाविक रूप से अशुभ ग्रह भी अच्छा फल देते हैं।](https://merirashi.com/hi/glossary/upachaya)

[मूलत्रिकोण (Moolatrikona)Moolatrikonaमूलत्रिकोण किसी विशेष राशि के एक निश्चित अंश-क्षेत्र में हर शास्त्रीय ग्रह की एक विशेष गरिमा है, जो उसकी उच्च राशि और सामान्य स्वराशि दोनों से अलग है और प्रबल किंतु अधिकतम नहीं, इतना बल प्रदान करती है।](https://merirashi.com/hi/glossary/moolatrikona)

[उच्च राशि (Exaltation)Ucchaउच्च राशि, या उच्च का, वह एक राशि है जिसमें हर शास्त्रीय ग्रह को सबसे बलवान और सबसे आत्मविश्वासी माना जाता है -- शास्त्रीय गरिमा-प्रणाली का सर्वोच्च स्तर।](https://merirashi.com/hi/glossary/exaltation)

[नीच राशि (Debilitation)Neechaनीच राशि, या नीच का, हर ग्रह की उच्च राशि के ठीक विपरीत वह राशि है जहां वह शास्त्रीय रूप से सबसे कमज़ोर होता है, हालांकि यह कमज़ोरी नीच भंग नामक विशेष परिस्थितियों में निरस्त हो सकती है।](https://merirashi.com/hi/glossary/debilitation)

[ग्रह अस्त (Combustion)Astaअस्त, ग्रह अस्त होना तब होता है जब कोई ग्रह उसी राशि में सूर्य के अत्यधिक निकट बैठता है, जिससे उसका प्रकाश सूर्य की चमक में जला हुआ माना जाता है और उसके संकेत नष्ट होने के बजाय धीमे पड़ जाते हैं।](https://merirashi.com/hi/glossary/combustion)

[वक्री ग्रह (Retrograde)Vakriवक्री गति पृथ्वी से देखे जाने पर किसी ग्रह की राशि-चक्र में पीछे की ओर दिखने वाली आभासी गति है, एक कक्षीय दृष्टि-प्रभाव जिसे कई शास्त्रीय संप्रदाय ग्रह को कमज़ोर करने के बजाय तीव्र करने वाला मानते हैं।](https://merirashi.com/hi/glossary/retrograde)

[दृष्टि (Drishti)Drishtiदृष्टि वैदिक भाव-प्रभाव यानी ग्रह-दृष्टि की अवधारणा है, जिसमें कोई ग्रह अपनी स्थिति से जिन विशेष भावों को देखता है वहां तक अपना प्रभाव पहुंचाता है, जो सटीक ज्यामितीय अंशों के बजाय पूर्ण-भाव संबंधों से संरचित होती है।](https://merirashi.com/hi/glossary/drishti)

[आत्मकारक (Atmakaraka)Atmakarakaआत्मकारक जैमिनी ज्योतिष का वह ग्रह है जो जन्म के समय अपनी राशि में सबसे अधिक अंश पर स्थित होता है, और कुंडली की केंद्रीय कर्म-कथा का संकेत देता है।](https://merirashi.com/hi/glossary/atmakaraka)

[दारकारक (Darakaraka)Darakarakaदारकारक जैमिनी ज्योतिष का वह चर-कारक ग्रह है जो अपनी राशि में सबसे कम अंश पर हो, जिसका उपयोग विशेष रूप से जीवनसाथी के स्वभाव और विवाह के समय को सप्तम भाव, शुक्र व गुरु के साथ मिलाकर पढ़ने में होता है।](https://merirashi.com/hi/glossary/darakaraka)

[योगकारक (Yogakaraka)Yogakarakaयोगकारक वह विशेष स्थिति है जो किसी ग्रह को कुछ लग्नों में तब मिलती है जब वह एक साथ केंद्र और त्रिकोण दोनों का स्वामी हो, जिससे वह उस विशेष कुंडली के लिए असाधारण रूप से शुभ बन जाता है।](https://merirashi.com/hi/glossary/yogakaraka)

7 शब्द

## समय व भविष्यवाणी

[दशा (Dasha)Dashaदशा वैदिक ज्योतिष की उन समयबद्ध ग्रह-अवधियों की व्यापक प्रणाली है जो यह दर्शाती है कि कुंडली की कौन-सी स्थितियाँ जीवनभर में कब सक्रिय होंगी, जिसमें विंशोत्तरी दशा सबसे सामान्य रूप है।](https://merirashi.com/hi/glossary/dasha)

[महादशा (Mahadasha)Mahadashaमहादशा विंशोत्तरी प्रणाली की प्राथमिक, वर्षों-लंबी ग्रह-शासन अवधि है, जिसका आरंभ और शेष अवधि जन्म के समय चंद्रमा की सटीक नक्षत्र स्थिति से निश्चित होती है।](https://merirashi.com/hi/glossary/mahadasha)

[अंतर्दशा (Antardasha)Antardashaअंतर्दशा महादशा के भीतर नेस्टेड उप-अवधि है, हर महादशा-स्वामी की नौ अंतर्दशाओं में से एक, जो अनुपातिक रूप से मापी जाती है और दोनों ग्रहों के मिश्रित विषयों को दर्शाती है।](https://merirashi.com/hi/glossary/antardasha)

[विंशोत्तरी दशा (Vimshottari)Vimshottariविंशोत्तरी वैदिक ज्योतिष का डिफ़ॉल्ट 120-वर्षीय, नौ-ग्रह दशा-चक्र है, जिसका आरंभ-बिंदु और जन्म के समय शेष अवधि चंद्रमा की सटीक नक्षत्र व अंश-स्थिति से निश्चित होती है।](https://merirashi.com/hi/glossary/vimshottari)

[गोचर (Gochar)Gocharगोचर, अर्थात ट्रांज़िट, ग्रहों की वर्तमान वास्तविक-समय स्थिति है जिसे व्यक्ति की स्थिर जन्म कुंडली के सापेक्ष पढ़ा जाता है, जिससे हर गोचर-पठन स्वाभाविक रूप से व्यक्ति की चंद्र राशि के सापेक्ष होता है।](https://merirashi.com/hi/glossary/gochar)

[अयनांश (Ayanamsa)Ayanamshaअयनांश सायन और निरयन राशिचक्रों के बीच लगभग 24 अंश का कोणीय अंतर है -- यही सटीक तकनीकी कारण है कि वैदिक और पाश्चात्य ज्योतिष एक ही जन्म को अलग-अलग राशियों में रख सकते हैं।](https://merirashi.com/hi/glossary/ayanamsa)

[निरयन बनाम सायन (Sidereal vs. Tropical)निरयन बनाम सायन वैदिक ज्योतिष के तारा-आधारित राशिचक्र और पाश्चात्य ज्योतिष के विषुव-आधारित राशिचक्र के बीच का मूलभूत विभाजन है, जो अब लगभग 24 अंश से अलग हो चुके हैं।](https://merirashi.com/hi/glossary/sidereal-vs-tropical)

2 शब्द

## नक्षत्र

[नक्षत्र (Nakshatra)Nakshatraनक्षत्र 27 चंद्र-मंडलों में से एक है, हर एक 13 अंश 20 कला का, जो 12-राशि प्रणाली से भी पुराना है और पूरी विंशोत्तरी दशा गणना का आधार बनता है।](https://merirashi.com/hi/glossary/nakshatra)

[नक्षत्र पाद (Nakshatra Pada)Padaनक्षत्र पाद हर 13°20' के नक्षत्र को बनाने वाले चार 3°20' चरणों में से एक है, जो किसी ग्रह की सटीक नवमांश राशि और परंपरागत नामकरण अक्षर को पिन-पॉइंट करता है।](https://merirashi.com/hi/glossary/nakshatra-pada)

5 शब्द

## पंचांग व मुहूर्त

[पंचांग (Panchang)Panchangaपंचांग परंपरागत वैदिक दिन-पंचांग है जो पाँच तत्वों -- तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण -- को जोड़कर किसी दी गई तारीख व स्थान के ज्योतिषीय चरित्र का वर्णन करता है।](https://merirashi.com/hi/glossary/panchang)

[तिथि (Tithi)Tithiतिथि एक चंद्र दिवस है जो तब पूरा होता है जब चंद्र सूर्य से अपने आरंभ की तुलना में 12° और आगे बढ़ जाए, जिससे एक लूनर माह में निश्चित 24-घंटे के दिनों के बजाय 30 तिथियाँ बनती हैं।](https://merirashi.com/hi/glossary/tithi)

[मुहूर्त (Muhurat)Muhurtaमुहूर्त किसी महत्वपूर्ण कार्य को शुरू करने के लिए ज्योतिषीय रूप से चुनी गई शुभ समय-खिड़की है -- विवाह, गृह-प्रवेश या व्यापार-शुभारंभ -- जो पंचांग जाँचकर और अशुभ अवधियों से बचकर चुनी जाती है।](https://merirashi.com/hi/glossary/muhurat)

[चौघड़िया (Choghadiya)Choghadiyaचौघड़िया एक त्वरित दिन-भाग समय-प्रणाली है जो दिन व रात को 8-8 खंडों में बाँटकर उन्हें शुभ, तटस्थ या अशुभ चिह्नित करती है, जो बड़े जीवन-कार्यों के बजाय रोज़मर्रा के कामों के लिए प्रयुक्त होती है।](https://merirashi.com/hi/glossary/choghadiya)

[राहु काल (Rahu Kaal)Rahu Kaalराहु काल लगभग 90 मिनट की एक अशुभ खिड़की है जो हर दिन एक बार, हर वार अलग घड़ी-समय पर आती है, और परंपरागत रूप से नए कार्य शुरू करने के लिए टाली जाती है, न कि साधारण दैनिक गतिविधि के लिए।](https://merirashi.com/hi/glossary/rahu-kaal)

6 शब्द

## दोष व योग

[दोष (Dosha)Doshaदोष एक छत्र संस्कृत शब्द है जो किसी कुंडली-विन्यास को दर्शाता है जिसे शास्त्र जीवन के किसी क्षेत्र में तनाव पैदा करने वाला चिह्नित करते हैं -- एक प्रवृत्ति जिसके साथ काम किया जा सकता है, कोई शाप नहीं।](https://merirashi.com/hi/glossary/dosha)

[योग (Yoga)Yogaयहाँ योग का अर्थ है एक ग्रह-संयोजन -- ग्रहों व भावों के बीच एक विशिष्ट, प्रायः शुभ स्थिति या संबंध -- जो शारीरिक योग और पंचांग के दैनिक योग-तत्व दोनों से अलग है।](https://merirashi.com/hi/glossary/yoga)

[मांगलिक (Manglik)Mangal Doshaमांगलिक ऐसे व्यक्ति का वर्णन करता है जिसे मंगल दोष हो -- मंगल लग्न, चंद्र या शुक्र से विशिष्ट भावों में स्थित -- एक आम स्थिति जो विशेष रूप से विवाह-मिलान में जाँची जाती है।](https://merirashi.com/hi/glossary/manglik)

[साढ़े साती (Sade Sati)Sade Satiसाढ़े साती किसी व्यक्ति के जन्म-चंद्र से बारहवें, पहले और दूसरे भाव में शनि का लगभग साढ़े सात वर्ष का गोचर है, जो तीन अलग चरणों में खुलता है।](https://merirashi.com/hi/glossary/sade-sati)

[काल सर्प दोष (Kaal Sarp Dosha)Kaal Sarpa Yogaएक कुंडली-पैटर्न जहाँ सभी सात शास्त्रीय ग्रह राहु-केतु अक्ष के एक ओर बैठते हैं, जिसे लोकप्रिय ज्योतिष में बाधाएँ लाने वाला कहा जाता है, हालाँकि यह शास्त्रीय ग्रंथों में अनुपस्थित है।](https://merirashi.com/hi/glossary/kaal-sarp)

[गुण मिलान (Gun Milan)Ashtakoot Milanअष्टकूट मिलान दो लोगों की चंद्र-नक्षत्र व राशि की तुलना करके वैवाहिक संगतता आँकने की शास्त्रीय आठ-श्रेणी, 36-अंक प्रणाली है।](https://merirashi.com/hi/glossary/gun-milan)

3 शब्द

## उपाय

[रत्न (Gemstone)Ratnaरत्न उपाय, यानी रत्न शास्त्र, किसी ग्रह से संबंधित विशेष पत्थर पहनने की प्रथा है, ताकि कुंडली में उस ग्रह के शुभ प्रभावों को समर्थन और बल मिल सके।](https://merirashi.com/hi/glossary/gemstone)

[मंत्र (Mantra)Mantraमंत्र किसी विशेष ग्रह या देवता से जुड़ी एक पवित्र ध्वनि या पद्य है, जिसे बार-बार जपकर, बिना किसी लागत या विशेषज्ञ की मदद के, उस ग्रह की ऊर्जा से तालमेल बिठाने के उपाय के रूप में अपनाया जाता है।](https://merirashi.com/hi/glossary/mantra)

[उपाय (Remedy)Upayaउपाय किसी कुंडली में चुनौतीपूर्ण स्थिति, दोष या कठिन काल के लिए सुझाए जाने वाले सुधारात्मक अभ्यासों का सामान्य नाम है -- मुफ़्त मंत्र और दान से लेकर रत्न और पूजा तक।](https://merirashi.com/hi/glossary/remedy)

4 शब्द

## ग्रह

[राहु (Rahu)Rahuराहु उत्तर चंद्र-नोड है, एक छाया-बिंदु जो जुनून, महत्वाकांक्षा और विदेशी या अपरंपरागत का प्रतीक है, और हर कुंडली में हमेशा केतु के ठीक विपरीत स्थित होता है।](https://merirashi.com/hi/glossary/rahu)

[केतु (Ketu)Ketuकेतु दक्षिण चंद्र-नोड है, हर कुंडली में हमेशा राहु के ठीक विपरीत, जो सांसारिक लाभ के बजाय वैराग्य, आध्यात्मिकता, पूर्वजन्म के संस्कारों और अचानक समाप्ति से जुड़ा है।](https://merirashi.com/hi/glossary/ketu)

[शनि (Shani)Shaniशनि, अनुशासन, दीर्घायु, कड़ी मेहनत और विलंब का कारक, तुला राशि में उच्च और मेष राशि में नीच है, और लोकप्रिय ज्योतिष का सबसे भयभीत मगर सबसे सम्मानित ग्रह भी।](https://merirashi.com/hi/glossary/shani)

[गुरु / बृहस्पति (Guru)Guruगुरु, यानी बृहस्पति, सौरमंडल का सबसे बड़ा और शास्त्रीय ग्रहों में सबसे स्पष्ट रूप से शुभ ग्रह है, जो कर्क राशि में उच्च और मकर राशि में नीच है, तथा ज्ञान, उच्च शिक्षा, धर्म और वृद्धि-उन्मुख समृद्धि का कारक है।](https://merirashi.com/hi/glossary/guru)

## परिभाषा सिर्फ़ शुरुआत है

देखें ये शब्द आपकी अपनी कुंडली में ठीक कहाँ नज़र आते हैं -- नि:शुल्क, तुरंत, सेकंडों में।

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