# वृषभ 2026 राशिफल -- वार्षिक भविष्यवाणी और मुख्य तिथियाँ

> वृषभ चंद्र राशि के लिए 2026 का वार्षिक राशिफल: इस समय कौन से ग्रह आपके भावों में गोचर कर रहे हैं, सटीक राशि-परिवर्तन की तिथियाँ, और प्रेम, करियर व स्वास्थ्य पर ईमानदार मार्गदर्शन।
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2026 राशिफल - पूरा वर्ष

## वृषभ 2026 राशिफल

1 जनवरी - 31 दिसंबर 2026 -- सभी नौ ग्रहों की वास्तविक निरयन स्थितियों से गणना, आपकी वृषभ चंद्र राशि से पढ़ा गया।

वृषभ के 2026 को कौन से ग्रह आकार देते हैं

शनि

ग्यारहवाँ - मीन

बृहस्पति

तीसरा - कर्क

राहुR

दसवाँ - कुंभ

केतुR

चौथा - सिंह

सूर्य

दूसरा - मिथुन

मंगल

पहला - वृषभ

2026 के भीतर 50 ग्रहों का राशि-परिवर्तन होता है, और हर एक की गणना किसी औसत अनुमान के बजाय वास्तविक ग्रह-स्थिति से ठीक उसी दिन तक की गई है। ये वे क्षण हैं जब इस अवधि के अंतर्निहित विषय वास्तव में बदलते हैं, और इन्हें आपके भावों के सापेक्ष बताया गया है, न कि किसी सामान्य आकाश-रिपोर्ट के रूप में।

[वृषभ का आज का राशिफल देखें](https://merirashi.com/hi/horoscope/taurus)[मेरी सही चंद्र राशि जानें](https://merirashi.com/hi/birth-chart-calculator)

सारांश

## वृषभ की एक झलक

वृषभ राशि के चंद्रमा के लिए यह वार्षिक राशिफल 2026 की अवधि को कवर करता है, और यह किसी सामान्य सूर्य-राशि टेम्पलेट के बजाय सभी नौ ग्रहों की वास्तविक निरयन (सिडरियल) स्थितियों से गणना किया गया है। स्थिर पृथ्वी राशि होने और शुक्र के स्वामित्व के कारण, वृषभ इन गोचरों को अपने स्वभाव के अनुरूप जीती है -- नीचे दिए गए विवरण इसी को खोलते हैं। शनि आपके ग्यारहवें भाव में गोचर कर रहे हैं, जो आय, लाभ, मित्रता और व्यापक सामाजिक संपर्क को प्रभावित करता है। बृहस्पति आपके तीसरे भाव में गोचर कर रहे हैं, जो आपका साहस, संवाद, भाई-बहन और रोज़मर्रा का प्रयास को प्रभावित करता है। राहु आपके दसवें भाव में (वर्तमान में वक्री) गोचर कर रहे हैं, जो आपका करियर, सामाजिक प्रतिष्ठा और उपलब्धि की भावना को प्रभावित करता है। केतु आपके चौथे भाव में (वर्तमान में वक्री) गोचर कर रहे हैं, जो आपका घर, माता, संपत्ति और भावनात्मक नींव को प्रभावित करता है। इस वर्ष के संदर्भ-बिंदु पर सूर्य आपके दूसरे भाव में और चंद्रमा आपके नौवें भाव में, श्रवण नक्षत्र (पाद 1) में स्थित हैं -- यह रोज़मर्रा की मन:स्थिति की झलक है, क्योंकि चंद्रमा सबसे तेज़ चलता है और इस वर्ष भर राशि बदलता रहता है। 2026 के भीतर 50 ग्रहों के राशि-परिवर्तन होते हैं। सबसे महत्वपूर्ण: शुक्र 13 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके नौवें भाव (भाग्य, आस्था और लंबी यात्राएँ) में आ जाते हैं। सूर्य 14 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके नौवें भाव (भाग्य, आस्था और लंबी यात्राएँ) में आ जाते हैं। नीचे के खंड इसे प्रेम, कार्य-धन और स्वास्थ्य के संदर्भ में समझाते हैं -- इन्हें निश्चित परिणाम नहीं, बल्कि ऐसी प्रवृत्तियाँ मानें जिनके साथ काम किया जा सके, और सटीक दिनों के लिए इन्हें मुख्य-तिथियों की सूची से मिलाएँ।

पूरी तस्वीर

## इस समय कौन से ग्रह प्रभाव डाल रहे हैं

इस वर्ष आपकी वृषभ चंद्र राशि से पढ़ी गई सभी नौ ग्रहों की पूरी तस्वीर: शनि आपके ग्यारहवें भाव में (मीन), बृहस्पति आपके तीसरे भाव में (कर्क), राहु आपके दसवें भाव में (कुंभ, वक्री), केतु आपके चौथे भाव में (सिंह, वक्री), सूर्य आपके दूसरे भाव में (मिथुन), मंगल आपके पहले भाव में (वृषभ), शुक्र आपके तीसरे भाव में (कर्क), बुध आपके तीसरे भाव में (कर्क, वक्री) और चंद्रमा आपके नौवें भाव में (मकर)। वैदिक गोचर हमेशा सूर्य राशि के बजाय चंद्र राशि से पढ़ा जाता है, इसीलिए भावों की यह सूची केवल वृषभ के लिए है और किसी अन्य राशि के लिए पूरी तरह अलग होगी -- जो शनि-गोचर एक राशि के दसवें (करियर) भाव में पड़ता है, वही दूसरी राशि के चौथे (घर) भाव में पड़ता है; इसलिए अर्थ असल में भाव तय करता है, राशि नहीं।

वृषभ से 2026 का गोचर -- भाव 1 आपकी राशि है - ʀ = वक्री

| ग्रह      | चंद्र से भाव | राशि  | नक्षत्र         |
| --------- | ------------ | ----- | --------------- |
| शनि       | ग्यारहवाँ    | मीन   | रेवती, पाद 2    |
| बृहस्पति  | तीसरा        | कर्क  | पुष्य, पाद 1    |
| राहुवक्री | दसवाँ        | कुंभ  | शतभिषा, पाद 1   |
| केतुवक्री | चौथा         | सिंह  | मघा, पाद 3      |
| सूर्य     | दूसरा        | मिथुन | आर्द्रा, पाद 3  |
| मंगल      | पहला         | वृषभ  | कृत्तिका, पाद 4 |
| शुक्र     | तीसरा        | कर्क  | आश्लेषा, पाद 4  |
| बुधवक्री  | तीसरा        | कर्क  | पुनर्वसु, पाद 4 |
| चंद्रमा   | नौवाँ        | मकर   | श्रवण, पाद 1    |

रिश्ते

## प्रेम और रिश्ते

प्रेम के स्वाभाविक कारक शुक्र इस वर्ष आपके तीसरे भाव (साहस और संवाद) में, आश्लेषा नक्षत्र में हैं। इस वर्ष आपके साझेदारी के सातवें भाव में कोई प्रमुख ग्रह गोचर नहीं कर रहा, इसलिए रिश्तों के मामले बाहरी दबाव के बजाय अपनी स्वाभाविक गति से चलेंगे। दूसरे भाव में सूर्य परिवार और साझा धन को रिश्ते की तस्वीर से जोड़ते हैं -- इस वर्ष साथी या परिवार के साथ पैसों की बातचीत अधिक महत्व रखती है। ध्यान दें 13 जनवरी को -- शुक्र 13 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके नौवें भाव (भाग्य, आस्था और लंबी यात्राएँ) में आ जाते हैं। वृषभ के लिए इस समय नौ में से 3 ग्रह किसी न किसी रिश्ते-संबंधी भाव (पहले, दूसरे, पाँचवें, सातवें, आठवें या ग्यारहवें) को छू रहे हैं, इसलिए संबंधों के लिहाज़ से यह अपेक्षाकृत सक्रिय दौर है। स्थिर पृथ्वी स्वभाव ही इस वर्ष करीबी रिश्तों में असली विकास-बिंदु है -- किसी भी गोचर से अधिक, यही सचेत रहने की बात है।

कार्य और धन

## करियर और धन

करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा के दसवें भाव में राहु इस वर्ष गोचर कर रहे हैं -- वक्री, यानी कुछ नया शुरू करने से अधिक मौजूदा काम को दोबारा सँवारने का संकेत, जो बताता है कि इस समय आपका पेशेवर जीवन दूसरों को कैसा दिखता है। शनि आपके ग्यारहवें भाव (आय, लाभ और संपर्क) से धीमी गति से गुज़र रहे हैं -- अल्पकाल में हार-जीत जो भी हो, वे शॉर्टकट के बजाय निरंतर, बिना दिखावे की मेहनत को फल देते हैं। लाभ के ग्यारहवें भाव में शनि नेटवर्किंग, एक से अधिक स्रोतों से आय, या दीर्घकालिक लक्ष्यों पर स्थिर प्रगति में सहायक हैं। नौवें भाव में चंद्रमा भाग्य, मार्गदर्शक, उच्च शिक्षा या दूर-देश के अवसर को पेशेवर तस्वीर में जोड़ते हैं -- अधिकांश ग्रहों के लिए यह वास्तव में शुभ भाव है। 17 जनवरी को -- बुध 17 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके नौवें भाव (भाग्य, आस्था और लंबी यात्राएँ) में आ जाते हैं। वृषभ की स्वाभाविक क्षमताओं पर टिके काम के लिए इस वर्ष बात मुख्यतः वही करने की है जो पहले से काम कर रहा है, न कि किसी गोचर के कुछ थमा देने का इंतज़ार करने की।

स्वास्थ्य

## स्वास्थ्य

अपनी ही राशि से गुज़रते मंगल इस वर्ष आपकी ऊर्जा और उपस्थिति दोनों बढ़ाते हैं; इसे एक ही झटके में खर्च करने के बजाय संतुलित गति से चलाएँ। चौथे भाव में केतु घर और मन की शांति को छूते हैं, इसलिए इस वर्ष भावनात्मक भलाई इस पर निर्भर करती है कि आपका घरेलू जीवन कितना स्थिर लगता है -- इसे जान-बूझकर सँभालें। कालपुरुष योजना में वृषभ राशि Face, neck and throat से संबंधित मानी जाती है, इसलिए इस वर्ष वहाँ किसी खिंचाव का ध्यान रखना उपयोगी है। ज्योतिष हमेशा एक प्रवृत्ति बताता है, कभी निदान नहीं -- इनमें से किसी भी संकेत को साधारण अच्छी देखभाल, पर्याप्त नींद और ज़रूरत होने पर चिकित्सक की सलाह के साथ जोड़ें।

पंचांग

## महत्वपूर्ण तिथियाँ

2026 के भीतर 50 ग्रहों का राशि-परिवर्तन होता है, और हर एक की गणना किसी औसत अनुमान के बजाय वास्तविक ग्रह-स्थिति से ठीक उसी दिन तक की गई है। ये वे क्षण हैं जब इस अवधि के अंतर्निहित विषय वास्तव में बदलते हैं, और इन्हें आपके भावों के सापेक्ष बताया गया है, न कि किसी सामान्य आकाश-रिपोर्ट के रूप में।

13 जनवरी

नौवाँ

शुक्र 13 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके नौवें भाव (भाग्य, आस्था और लंबी यात्राएँ) में आ जाते हैं।

14 जनवरी

नौवाँ

सूर्य 14 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके नौवें भाव (भाग्य, आस्था और लंबी यात्राएँ) में आ जाते हैं।

16 जनवरी

नौवाँ

मंगल 16 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके नौवें भाव (भाग्य, आस्था और लंबी यात्राएँ) में आ जाते हैं।

17 जनवरी

नौवाँ

बुध 17 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके नौवें भाव (भाग्य, आस्था और लंबी यात्राएँ) में आ जाते हैं।

3 फ़रवरी

दसवाँ

बुध 3 फ़रवरी को कुंभ राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके दसवें भाव (करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा) में आ जाते हैं।

6 फ़रवरी

दसवाँ

शुक्र 6 फ़रवरी को कुंभ राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके दसवें भाव (करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा) में आ जाते हैं।

13 फ़रवरी

दसवाँ

सूर्य 13 फ़रवरी को कुंभ राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके दसवें भाव (करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा) में आ जाते हैं।

23 फ़रवरी

दसवाँ

मंगल 23 फ़रवरी को कुंभ राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके दसवें भाव (करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा) में आ जाते हैं।

2 मार्च

ग्यारहवाँ

शुक्र 2 मार्च को मीन राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके ग्यारहवें भाव (आय, लाभ और संपर्क) में आ जाते हैं।

15 मार्च

ग्यारहवाँ

सूर्य 15 मार्च को मीन राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके ग्यारहवें भाव (आय, लाभ और संपर्क) में आ जाते हैं।

26 मार्च

बारहवाँ

शुक्र 26 मार्च को मेष राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके बारहवें भाव (विश्राम, त्याग और समापन) में आ जाते हैं।

2 अप्रैल

ग्यारहवाँ

मंगल 2 अप्रैल को मीन राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके ग्यारहवें भाव (आय, लाभ और संपर्क) में आ जाते हैं।

11 अप्रैल

ग्यारहवाँ

बुध 11 अप्रैल को मीन राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके ग्यारहवें भाव (आय, लाभ और संपर्क) में आ जाते हैं।

14 अप्रैल

बारहवाँ

सूर्य 14 अप्रैल को मेष राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके बारहवें भाव (विश्राम, त्याग और समापन) में आ जाते हैं।

19 अप्रैल

पहला

शुक्र 19 अप्रैल को वृषभ राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके पहले भाव (आत्म-छवि और जीवनशक्ति) में आ जाते हैं।

30 अप्रैल

बारहवाँ

बुध 30 अप्रैल को मेष राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके बारहवें भाव (विश्राम, त्याग और समापन) में आ जाते हैं।

11 मई

बारहवाँ

मंगल 11 मई को मेष राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके बारहवें भाव (विश्राम, त्याग और समापन) में आ जाते हैं।

14 मई

दूसरा

शुक्र 14 मई को मिथुन राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके दूसरे भाव (धन, परिवार और वाणी) में आ जाते हैं।

15 मई

पहला

बुध 15 मई को वृषभ राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके पहले भाव (आत्म-छवि और जीवनशक्ति) में आ जाते हैं।

15 मई

पहला

सूर्य 15 मई को वृषभ राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके पहले भाव (आत्म-छवि और जीवनशक्ति) में आ जाते हैं।

29 मई

दूसरा

बुध 29 मई को मिथुन राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके दूसरे भाव (धन, परिवार और वाणी) में आ जाते हैं।

2 जून

तीसरा

बृहस्पति 2 जून को कर्क राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके तीसरे भाव (साहस और संवाद) में आ जाते हैं।

8 जून

तीसरा

शुक्र 8 जून को कर्क राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके तीसरे भाव (साहस और संवाद) में आ जाते हैं।

15 जून

दूसरा

सूर्य 15 जून को मिथुन राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके दूसरे भाव (धन, परिवार और वाणी) में आ जाते हैं।

20 जून

पहला

मंगल 20 जून को वृषभ राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके पहले भाव (आत्म-छवि और जीवनशक्ति) में आ जाते हैं।

22 जून

तीसरा

बुध 22 जून को कर्क राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके तीसरे भाव (साहस और संवाद) में आ जाते हैं।

4 जुलाई

चौथा

शुक्र 4 जुलाई को सिंह राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके चौथे भाव (घर और मन की शांति) में आ जाते हैं।

7 जुलाई

दूसरा

बुध 7 जुलाई को मिथुन राशि में प्रवेश करते हैं (वक्री अवस्था में), जिससे वे आपके दूसरे भाव (धन, परिवार और वाणी) में आ जाते हैं।

16 जुलाई

तीसरा

सूर्य 16 जुलाई को कर्क राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके तीसरे भाव (साहस और संवाद) में आ जाते हैं।

1 अगस्त

पाँचवाँ

शुक्र 1 अगस्त को कन्या राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके पाँचवें भाव (प्रेम और रचनात्मकता) में आ जाते हैं।

2 अगस्त

दूसरा

मंगल 2 अगस्त को मिथुन राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके दूसरे भाव (धन, परिवार और वाणी) में आ जाते हैं।

5 अगस्त

तीसरा

बुध 5 अगस्त को कर्क राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके तीसरे भाव (साहस और संवाद) में आ जाते हैं।

17 अगस्त

चौथा

सूर्य 17 अगस्त को सिंह राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके चौथे भाव (घर और मन की शांति) में आ जाते हैं।

22 अगस्त

चौथा

बुध 22 अगस्त को सिंह राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके चौथे भाव (घर और मन की शांति) में आ जाते हैं।

2 सितंबर

छठा

शुक्र 2 सितंबर को तुला राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके छठे भाव (दैनिक कार्य, स्वास्थ्य और ऋण) में आ जाते हैं।

7 सितंबर

पाँचवाँ

बुध 7 सितंबर को कन्या राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके पाँचवें भाव (प्रेम और रचनात्मकता) में आ जाते हैं।

17 सितंबर

पाँचवाँ

सूर्य 17 सितंबर को कन्या राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके पाँचवें भाव (प्रेम और रचनात्मकता) में आ जाते हैं।

18 सितंबर

तीसरा

मंगल 18 सितंबर को कर्क राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके तीसरे भाव (साहस और संवाद) में आ जाते हैं।

26 सितंबर

छठा

बुध 26 सितंबर को तुला राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके छठे भाव (दैनिक कार्य, स्वास्थ्य और ऋण) में आ जाते हैं।

17 अक्तूबर

छठा

सूर्य 17 अक्तूबर को तुला राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके छठे भाव (दैनिक कार्य, स्वास्थ्य और ऋण) में आ जाते हैं।

31 अक्तूबर

चौथा

बृहस्पति 31 अक्तूबर को सिंह राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके चौथे भाव (घर और मन की शांति) में आ जाते हैं।

6 नवंबर

पाँचवाँ

शुक्र 6 नवंबर को कन्या राशि में प्रवेश करते हैं (वक्री अवस्था में), जिससे वे आपके पाँचवें भाव (प्रेम और रचनात्मकता) में आ जाते हैं।

12 नवंबर

चौथा

मंगल 12 नवंबर को सिंह राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके चौथे भाव (घर और मन की शांति) में आ जाते हैं।

16 नवंबर

सातवाँ

सूर्य 16 नवंबर को वृश्चिक राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके सातवें भाव (साझेदारी और विवाह) में आ जाते हैं।

22 नवंबर

छठा

शुक्र 22 नवंबर को तुला राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके छठे भाव (दैनिक कार्य, स्वास्थ्य और ऋण) में आ जाते हैं।

2 दिसंबर

सातवाँ

बुध 2 दिसंबर को वृश्चिक राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके सातवें भाव (साझेदारी और विवाह) में आ जाते हैं।

5 दिसंबर

नौवाँ

राहु 5 दिसंबर को मकर राशि में प्रवेश करते हैं (वक्री अवस्था में), जिससे वे आपके नौवें भाव (भाग्य, आस्था और लंबी यात्राएँ) में आ जाते हैं।

5 दिसंबर

तीसरा

केतु 5 दिसंबर को कर्क राशि में प्रवेश करते हैं (वक्री अवस्था में), जिससे वे आपके तीसरे भाव (साहस और संवाद) में आ जाते हैं।

16 दिसंबर

आठवाँ

सूर्य 16 दिसंबर को धनु राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके आठवें भाव (परिवर्तन और साझा संसाधन) में आ जाते हैं।

22 दिसंबर

आठवाँ

बुध 22 दिसंबर को धनु राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके आठवें भाव (परिवर्तन और साझा संसाधन) में आ जाते हैं।

## अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 के लिए वृषभ राशि का वार्षिक राशिफल क्या कहता है?

सबसे प्रमुख गोचर हैं -- शनि आपके ग्यारहवें भाव में, बृहस्पति आपके तीसरे भाव में और राहु आपके दसवें भाव में। यह राशिफल आपकी चंद्र राशि से पढ़ा गया है और सभी नौ ग्रहों की वास्तविक निरयन स्थितियों से गणना किया गया है, इसलिए यह हर राशि के लिए अलग होता है।

2026 में वृषभ के लिए कौन से ग्रह वक्री हैं?

हाँ -- 2026 के दौरान राहु, केतु और बुध वक्री हैं। वक्री अवधि आमतौर पर उस ग्रह से जुड़े नए काम शुरू करने के बजाय समीक्षा, सुधार और पुराने काम पूरे करने के पक्ष में रहती है -- यह घबराने की बात नहीं।

वृषभ के लिए अगला महत्वपूर्ण गोचर कब है?

शुक्र 13 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे वे आपके नौवें भाव (भाग्य, आस्था और लंबी यात्राएँ) में आ जाते हैं।

क्या यह राशिफल सूर्य राशि पर आधारित है या चंद्र राशि पर?

चंद्र राशि पर। वैदिक ज्योतिष में गोचर हमेशा जन्म की चंद्र राशि से देखा जाता है, इसलिए यह पृष्ठ वृषभ चंद्र राशि के लिए है -- यदि आपकी चंद्र राशि अलग है, तो अपनी सही राशि वाला पृष्ठ पढ़ें।

और देखें

## अन्य राशियों का राशिफल

[मेष वार्षिक राशिफल](https://merirashi.com/hi/horoscope/yearly/2026/aries)

[मिथुन वार्षिक राशिफल](https://merirashi.com/hi/horoscope/yearly/2026/gemini)

[कर्क वार्षिक राशिफल](https://merirashi.com/hi/horoscope/yearly/2026/cancer)

[सिंह वार्षिक राशिफल](https://merirashi.com/hi/horoscope/yearly/2026/leo)

[कन्या वार्षिक राशिफल](https://merirashi.com/hi/horoscope/yearly/2026/virgo)

[तुला वार्षिक राशिफल](https://merirashi.com/hi/horoscope/yearly/2026/libra)

[वृश्चिक वार्षिक राशिफल](https://merirashi.com/hi/horoscope/yearly/2026/scorpio)

[धनु वार्षिक राशिफल](https://merirashi.com/hi/horoscope/yearly/2026/sagittarius)

[मकर वार्षिक राशिफल](https://merirashi.com/hi/horoscope/yearly/2026/capricorn)

[कुंभ वार्षिक राशिफल](https://merirashi.com/hi/horoscope/yearly/2026/aquarius)

[मीन वार्षिक राशिफल](https://merirashi.com/hi/horoscope/yearly/2026/pisces)

[वृषभ का दैनिक राशिफल ->](https://merirashi.com/hi/horoscope/taurus)[वृषभ साप्ताहिक राशिफल ->](https://merirashi.com/hi/horoscope/weekly/taurus)[वृषभ मासिक राशिफल ->](https://merirashi.com/hi/horoscope/monthly/taurus)[वृषभ 2027 राशिफल ->](https://merirashi.com/hi/horoscope/yearly/2027/taurus)[वृषभ राशि प्रोफ़ाइल ->](https://merirashi.com/hi/rashi/taurus-rashi)[वृषभ लग्न ->](https://merirashi.com/hi/lagna/taurus)

## सिर्फ़ राशि नहीं -- अपनी असली कुंडली पाएँ

यह राशिफल आपकी चंद्र राशि पर आधारित है। आपकी पूरी जन्म कुंडली आपके सटीक लग्न, भावों और दशाओं को जोड़कर कहीं अधिक सटीक पठन देती है।

[मेरी कुंडली बनाएँ](https://merirashi.com/hi/birth-chart-calculator)[सभी वार्षिक राशिफल](https://merirashi.com/hi/horoscope/yearly)
