# ग्रह मंत्र -- नवग्रह बीज मंत्र, अर्थ व जप-दिन

> नौ शास्त्रीय नवग्रह बीज मंत्र -- सूर्य से केतु तक -- अर्थ, जपने का सही दिन, माला मार्गदर्शन और मुफ़्त-पहले उपाय के साथ। किसी ख़रीद की ज़रूरत नहीं।
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नवग्रह बीज मंत्र - मुफ़्त व पारंपरिक

## ग्रह मंत्र

नौ शास्त्रीय नवग्रह बीज मंत्र -- हर ग्रह के लिए एक -- उनके अर्थ, सही जप-दिन, माला मार्गदर्शन, और मुफ़्त-पहले उपाय संदर्भ के साथ। जपने के लिए किसी ख़रीद की आवश्यकता नहीं -- ये खुले, पारंपरिक अभ्यास हैं।

आज का जप-दिन

आज रविवार है, **सूर्य** का पारंपरिक दिन है। इस मंत्र-अभ्यास को शुरू करने या जारी रखने के लिए ये अच्छे दिन हैं।

आज की तारीख़ से जीवंत रूप से गणना -- कोई संचित अनुमान नहीं।

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एक ग्रह चुनें

## हर ग्रह के लिए मंत्र

[सूर्य मंत्ररविवारआज](https://merirashi.com/hi/mantras/sun-mantra)

[चंद्र मंत्रसोमवारसोमवार](https://merirashi.com/hi/mantras/moon-mantra)

[मंगल मंत्रमंगलवारमंगलवार](https://merirashi.com/hi/mantras/mars-mantra)

[बुध मंत्रबुधवारबुधवार](https://merirashi.com/hi/mantras/mercury-mantra)

[बृहस्पति मंत्रगुरुवारगुरुवार](https://merirashi.com/hi/mantras/jupiter-mantra)

[शुक्र मंत्रशुक्रवारशुक्रवार](https://merirashi.com/hi/mantras/venus-mantra)

[शनि मंत्रशनिवारशनिवार](https://merirashi.com/hi/mantras/saturn-mantra)

[राहु मंत्रशनिवारशनिवार](https://merirashi.com/hi/mantras/rahu-mantra)

[केतु मंत्रमंगलवारमंगलवार](https://merirashi.com/hi/mantras/ketu-mantra)

जप, विधिपूर्वक

## ग्रह मंत्रों का उपयोग कैसे होता है

### हर ग्रह का एक बीज मंत्र

नवग्रह परंपरा नौ ग्रहों में से हर एक को एक बीज मंत्र देती है -- ऐसे अक्षरों पर गढ़ा छोटा संस्कृत सूत्र जिन्हें उस ग्रह का स्पंदन धारण करने वाला माना गया है, जैसे चंद्रमा के लिए "ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्राय नमः"। कौन-सा मंत्र अपनाएँ, यह कुंडली का प्रश्न है, मेन्यू का चुनाव नहीं: सामान्य उम्मीदवार हैं आपकी चालू महादशा का स्वामी, वह ग्रह जिसे दोष-जाँच पीड़ित बताए, या उस जीवन-क्षेत्र का कारक ग्रह जिस पर आप काम कर रहे हैं।

### दिन, संख्या और उच्चारण

हर ग्रह का अपना वार है -- रविवार को सूर्य, सोमवार को चंद्र, मंगलवार को मंगल, बुधवार को बुध, गुरुवार को बृहस्पति, शुक्रवार को शुक्र, शनिवार को शनि; परंपरा में राहु शनिवार से और केतु मंगलवार से जुड़े हैं। जप की गिनती 108 की माला से होती है, और अभ्यास ग्रह के अपने दिन से शुरू करने की जो परिपाटी है, इस हब का जीवंत "आज" कार्ड ठीक उसी की गणना करता है।

उच्चारण सच में ध्यान माँगता है, क्योंकि बीजाक्षर ही इस अभ्यास का सार हैं। धीमे शुरू कीजिए, किसी भरोसेमंद पाठ को तब तक सुनिए जब तक ध्वनियाँ बैठ न जाएँ, और गति उसके बाद बढ़ाइए। हफ़्तों तक निभाई गई शांत दैनिक 108 की एक माला, कभी-कभार के मैराथन जप से कहीं ज़्यादा करती है।

### ये पाठ कहाँ से आए हैं

इन पृष्ठों के मंत्र मुख्यधारा की भारतीय साधना में प्रचलित मानक नवग्रह बीज-रूप हैं, और हर ग्रह का वार, देवता और कारकत्व उसी शास्त्रीय कारक-योजना के अनुसार है जो बृहत् पाराशर होरा शास्त्र में रखी गई और बाद की उपाय-पुस्तिकाओं में दोहराई गई। जहाँ परंपराएँ सचमुच अलग हैं -- जैसे कुल जप-संख्या, जो सूर्य के 7,000 से लेकर शनि के 23,000 तक जाती है -- वहाँ पृष्ठ यह बात कह देते हैं, किसी एक रिवाज़ को नियम बनाकर नहीं परोसते। यहाँ सब कुछ अभ्यास के लिए नि:शुल्क है: न कोई ख़रीद, न दीक्षा-शुल्क, न कोई "अभिमंत्रित" उत्पाद।

## मंत्र -- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या जप के लिए शुद्ध संस्कृत आनी चाहिए?

चाहिए सावधानी, पूर्णता नहीं। मंत्र किसी भरोसेमंद पाठ से सीखिए, अक्षर स्थिर होने तक गति धीमी रखिए, और चलते-चलते ख़ुद को सुधारते रहिए। थोड़ा अपूर्ण पर सच्चा दैनिक अभ्यास परंपरा में उस निर्दोष जप से कहीं ऊपर रखा गया है जो कभी होता ही नहीं।

कितनी बार जपना ज़रूरी है?

एक माला -- 108 आवृत्तियाँ -- काम की इकाई है, और रोज़ की एक माला अपने आप में पूरा अभ्यास है। परंपराओं की बड़ी कुल संख्याएँ (ग्रह के अनुसार 7,000 से 23,000 तक) किसी गहन अनुष्ठान को ढाँचा देने के खाँचे हैं, प्रवेश-शुल्क नहीं; किसी भी एक अंक से ज़्यादा मायने हफ़्तों तक टिकी निरंतरता रखती है।

किस ग्रह के मंत्र से शुरुआत करूँ?

फ़ैसला कुंडली को करने दीजिए: चालू महादशा का स्वामी, या निर्बल-पीड़ित बताया गया ग्रह -- यही शास्त्रीय शुरुआती बिंदु हैं। यदि आपने अभी कुंडली नहीं बनाई है, तो आज के वार के स्वामी ग्रह का मंत्र जपना एक हानिरहित, पारंपरिक शुरुआत है -- जब तक आप पता कर नहीं लेते।

## किस ग्रह को सहारे की ज़रूरत है, तय नहीं?

यह देखने के लिए कि कौन से ग्रह कमज़ोर, पीड़ित या पहले से बलवान हैं, अपनी असली जन्म कुंडली की गणना करें, फिर वह मंत्र चुनें जो वाक़ई आपकी कुंडली से मेल खाता हो।

[मेरी कुंडली बनाएँ](https://merirashi.com/hi/birth-chart-calculator)
