# सूर्य मंत्र (Surya) -- अर्थ, जप का दिन और उपाय

> सूर्य मंत्र -- "Om Hraam Hreem Hraum Sah Suryaya Namah" -- का अर्थ, जपने का सही दिन (रविवार), सुझाई गई 108 माला, और मुफ़्त-पहले उपाय। किसी ख़रीद की ज़रूरत नहीं।
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नवग्रह मंत्र - सूर्य

## सूर्य मंत्र

सूर्य के लिए एक मुफ़्त, पारंपरिक बीज मंत्र -- आत्मा, पिता और अधिकार का कारक।

क्या आज सूर्य का जप-दिन है?

आज रविवार है -- सूर्य का अपना दिन, और सूर्य मंत्र जपने के लिए पारंपरिक रूप से शुभ दिन।

सुझाई गई संख्या - 108 (1 माला)

आज की तारीख़ और सूर्य के पारंपरिक दिन (रविवार) से जीवंत रूप से गणना -- कोई संचित अनुमान नहीं।

[अपनी कुंडली में सूर्य देखें](https://merirashi.com/hi/birth-chart-calculator)[सभी 9 ग्रह मंत्र](https://merirashi.com/hi/mantras)

मंत्र

## सूर्य का बीज मंत्र

Om Hraam Hreem Hraum Sah Suryaya Namah

नवग्रह के सभी नौ बीज मंत्रों की तरह, सूर्य मंत्र आरंभ होता है प्रणव ॐ से, फिर आता है तीन-भाग वाला बीज समूह ह्रां ह्रीं ह्रौं -- बीज अक्षर जिन्हें शास्त्रीय तांत्रिक परंपरा सूर्य की तेजस्वी, प्रकाशमान ऊर्जा के जागृत, दीप्त और लय अवस्थाओं से जोड़ती है। सः ग्रह के सार का सीधा आवाहन करता है। सूर्याय, सूर्य का चतुर्थी (सम्प्रदान) रूप है, जिसका अर्थ है 'सूर्य के लिए', और नमः समापन नमस्कार है -- 'मैं नमन करता हूँ'। पूरा पढ़ने पर यह मंत्र श्रद्धा का एक छोटा कर्म है: सौर ऊर्जा का आवाहन, जिस देवता को यह अर्पित है उसका नामकरण, और विनम्रता का वह नमन जो सूर्य की अग्नि को अहंकार में बदलने से रोकता है। यही रचना -- ॐ, बीज, सः, ग्रह-नाम-चतुर्थी, नमः -- सभी नौ ग्रह-मंत्रों में दोहराई जाती है, केवल बीज और ग्रह का नाम बदलता है।

क्यों जपें

## सूर्य मंत्र किसलिए है

सूर्य मंत्र सूर्य से जुड़े गुणों को मज़बूत करने के लिए जपा जाता है -- आत्मा का मूल आत्मविश्वास, पिता और अधिकारियों के साथ स्वस्थ संबंध, शारीरिक ऊर्जा, और बिना निरंतर स्वीकृति की ज़रूरत के नेतृत्व करने का साहस। लोग इस मंत्र की ओर तब मुड़ते हैं जब कुंडली में सूर्य कमज़ोर, अस्त या पीड़ित महसूस होता है -- जो आत्म-सम्मान की कमी, पिता या वरिष्ठों से तनावपूर्ण संबंध, या धुँधले जीवन-उद्देश्य के रूप में सामने आता है -- पर यह उतनी ही श्रद्धा से तब भी जपा जाता है जब सूर्य पहले से बलवान हो, ताकि वह चमकदार और सही दिशा में बना रहे। सूर्य नवग्रह मंडल के राजा हैं, और उनका मंत्र किसी कृपा की याचना से अधिक भीतर के उस राजा को स्थिर करने का अभ्यास है -- वह हिस्सा जो जानता है कि आप कौन हैं, चाहे कोई देख रहा हो या नहीं। श्रद्धा से जपने पर यह पारंपरिक रूप से इच्छाशक्ति को तेज़ करता है, ऊर्जा लौटाता है, और असुरक्षा से लिए गए निर्णयों पर छाई धुंध साफ़ करता है।

## कब और कैसे जपें

मुफ़्त-पहले -- शुरू करने के लिए कोई ख़रीद ज़रूरी नहीं।

### सही दिन

सूर्य का दिन - रविवार

सूर्य मंत्र के लिए पारंपरिक दिन रविवार है, सूर्य का अपना दिन, जब उसकी ऊर्जा आवाहन के लिए सबसे ग्रहणशील मानी जाती है। दिन में सूर्योदय का समय शास्त्रीय रूप से सबसे उपयुक्त माना गया है -- पूर्व दिशा की ओर मुख करके, स्नान के बाद, जब सूर्य अभी नीचा और देखने योग्य कोमल हो। कई साधक सप्ताह के किसी भी दिन भोर में नियमित जप करते हैं, और रविवार को नया अभ्यास शुरू करने या विशेष ध्यान से जपने के दिन के रूप में मानते हैं। किसी अन्य दिन जपने पर कोई कठोर मनाही नहीं है -- कैलेंडर की सटीकता से अधिक निरंतरता मायने रखती है।

### माला की गिनती

108 प्रति चक्र

एक पूरा चक्र 108 जप का होता है, जिसे माला पर गिना जाता है ताकि मन गिनती में उलझने के बजाय ध्वनि के साथ रह सके। रोज़ एक माला एक सामान्य, टिकाऊ शुरुआत है; कुछ परंपराएँ 40 दिनों (एक मंडल) में निश्चित संख्या में माला तक पहुँचने का सुझाव देती हैं ताकि निरंतर अभ्यास बने। सटीक संख्या से अधिक जो मायने रखता है वह है अटूट ध्यान और स्थिर बैठक -- कम संख्या ध्यानपूर्वक जपी जाए तो वह असावधानी से जपी गई बड़ी संख्या से बेहतर है। यदि 108 शुरुआत में अधिक लगे, तो रोज़ 11 या 21 बार जपना भी एक सही शुरुआत है।

### सामान्य विधि

नवग्रह के सभी नौ मंत्र पारंपरिक रूप से एक ही तरीक़े से जपे जाते हैं, चाहे आप किसी भी ग्रह पर काम कर रहे हों। एक शांत क्षण खोजें, आराम से बैठें, और चाहें तो माला (108 मनकों की माला, साथ में एक 'गुरु' मनका) अंगूठे और मध्यमा उंगली के बीच पकड़ें, हर जप पर एक मनका आगे बढ़ाएँ और गुरु मनके को पार करने के बजाय वहाँ रुक जाएँ। ज़ोर से, फुसफुसाकर, या मन में मौन जपें -- तीनों वैध माने जाते हैं, हालाँकि शुरुआत में ज़ोर से जपना अक्सर ध्यान बनाए रखने में आसान होता है। किसी विस्तृत अनुष्ठान, विशेष वस्त्र, या किसी विशेष कमरे की ज़रूरत नहीं -- मंत्र अपने मूल में एक सहज, कहीं भी किया जा सकने वाला अभ्यास है जो केवल कुछ बिना जल्दबाज़ी वाले मिनट और सच्चा ध्यान माँगता है। किसी एक दिन की तीव्रता से कहीं अधिक दिनों में निरंतरता मायने रखती है, और किसी सत्र के छूटने के बाद अभ्यास पर लौट आना उसे असफलता मानने से हमेशा अधिक उपयोगी है।

किसकी उपासना

## सूर्य के देवता व कारक

यहाँ सूर्य को स्वयं प्रकाश के स्रोत के रूप में सम्मानित किया जाता है -- अलग-अलग परंपराओं में विष्णु या शिव के साथ उस अंतर्निहित चेतना के रूप में पहचाना जाता है जिसे दृश्य सूर्य प्रतिबिंबित करता है। आत्मा, पिता, अधिकार, जीवनशक्ति और नेतृत्व के कारक के रूप में, सूर्य दर्शाता है कि आप अपने ही जीवन में कितने स्पष्ट और आत्मविश्वास से खड़े होते हैं। जहाँ सूर्य बलवान है, वहाँ व्यक्ति में शांत आत्म-सम्मान और स्पष्ट दिशा होती है; जहाँ यह संघर्ष करता है, वहाँ मंत्र का उपयोग बाहरी स्वीकृति खोजने के बजाय भीतर से उस अधिकार को फिर से बनाने के लिए किया जाता है। यह अपने ही प्रकाश को याद करने का अभ्यास है, न कि किसी नए प्रकाश को पाने का।

कारक (महत्व): आत्मा, पिता, अधिकार, जीवनशक्ति, अहंकार, शासन, नेतृत्व और आत्म-अभिव्यक्ति।

## मुफ़्त-पहले उपाय संदर्भ

जप एक मुफ़्त पारंपरिक अभ्यास है -- किसी ख़रीद की ज़रूरत नहीं।

सूर्य मंत्र के साथ-साथ

यह मंत्र कमज़ोर सूर्य के लिए मुफ़्त-पहले दृष्टिकोण का एक हिस्सा है -- यदि उपयुक्त लगे, तो इसे जल्दी उठने, सूर्योदय पर सूर्य को जल अर्पित करने, और पिता या पिता-तुल्य व्यक्तियों का सम्मान करने के साथ जोड़ें। इसे शुरू करने के लिए कोई रत्न या ख़रीद ज़रूरी नहीं। अपनी कुंडली में सूर्य की वास्तविक स्थिति -- और क्या कोई दोष वाक़ई सक्रिय है -- जानने के लिए, इस साइट का जन्म कुंडली कैलकुलेटर और दोष जाँचक एक सामान्य नहीं, बल्कि गणना पर आधारित व्यक्तिगत पठन देते हैं।

## अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूर्य मंत्र का सही उच्चारण कैसे करें?

जैसा लिखा है वैसा ही बोलें: "ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः", बीज अक्षर ह्रां-ह्रीं-ह्रौं स्पष्ट और समान रूप से बोलते हुए। संस्कृत का बिलकुल सटीक उच्चारण जीवन भर निखरने वाली चीज़ है, कोई शर्त नहीं -- श्रद्धा और नियमित जप उच्चारण की पूर्णता से कहीं ज़्यादा मायने रखते हैं, और थोड़े लहज़े के साथ जपा गया मंत्र भी प्रभावी माना जाता है।

क्या सूर्य मंत्र जपने का एकमात्र दिन रविवार ही है?

नहीं। रविवार पारंपरिक रूप से पसंदीदा दिन है क्योंकि यह सूर्य का अपना दिन है, पर बहुत से लोग सप्ताह के हर दिन सूर्योदय पर छोटा नियमित जप करते हैं और रविवार को केवल संकल्प नवीनीकरण या पूरा चक्र जपने का दिन मानते हैं।

सूर्य मंत्र वास्तव में किन विषयों को संबोधित करता है?

यह पारंपरिक रूप से आत्मविश्वास, ऊर्जा और अधिकारियों व पिता के साथ संबंधों को सहारा देने, और कुंडली में कमज़ोर या पीड़ित सूर्य को स्थिर करने के लिए जपा जाता है। यह सामान्य प्रयास के साथ मिलकर काम करता है -- यह नींद, स्वास्थ्य-देखभाल या ईमानदार आत्म-कार्य का विकल्प नहीं है।

क्या माला की गिनती वाक़ई मायने रखती है?

108 की पूरी माला प्रचलित इकाई है क्योंकि यह मन को एक स्थिर ढाँचा देती है, पर गहरा मापदंड ध्यान है, गणित नहीं। बिना ध्यान के पूरा चक्र जपना, ध्यान से जपे गए छोटे चक्र से कम मूल्यवान है; हफ़्तों तक निरंतरता किसी एक दिन की गिनती से ज़्यादा मायने रखती है।

क्या मंत्र जप जीवन में प्रयास का विकल्प है?

नहीं, और कोई भी ईमानदार परंपरा ऐसा दावा नहीं करती। सूर्य मंत्र मन और संकल्प को स्थिर करने के लिए है ताकि आपका अपना प्रयास -- आगे आना, नेतृत्व करना, ज़िम्मेदारी लेना -- आसान और स्पष्ट हो जाए। यह इच्छाशक्ति को सहारा देता है; उसकी जगह नहीं लेता।

क्या इस मंत्र को जपने के लिए गुरु या दीक्षा ज़रूरी है?

औपचारिक दीक्षा गहरे व्यक्तिगत अभ्यास के लिए कुछ लोगों का चुना हुआ मार्ग है, पर इस जैसे बीज मंत्र व्यापक रूप से बिना दीक्षा के, एक मुफ़्त, खुले भक्ति-अभ्यास के रूप में जपे जाते हैं। यदि बाद में गहराई में जाना चाहें, तो मार्गदर्शन लेना उचित है, पर यह आज शुरू करने में बाधा नहीं।

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## अपनी कुंडली में सूर्य के बारे में और जानें

[सूर्य महादशा -- प्रभाव व उपाय](https://merirashi.com/hi/dashas/sun-mahadasha)

[सूर्य प्रथम भाव में](https://merirashi.com/hi/planets/sun-in-1st-house)

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## अन्य ग्रहों के लिए मंत्र

[चंद्र मंत्र](https://merirashi.com/hi/mantras/moon-mantra)

[मंगल मंत्र](https://merirashi.com/hi/mantras/mars-mantra)

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[राहु मंत्र](https://merirashi.com/hi/mantras/rahu-mantra)

[केतु मंत्र](https://merirashi.com/hi/mantras/ketu-mantra)

## क्या आपकी कुंडली में सूर्य वाक़ई बलवान या कमज़ोर है?

मंत्र तभी सबसे बेहतर काम करता है जब आप जानते हैं कि आप किसे संबोधित कर रहे हैं। अपनी असली कुंडली की गणना करें और देखें सूर्य की राशि, भाव व बल -- और कोई सक्रिय दोष।

[मेरी कुंडली बनाएँ](https://merirashi.com/hi/birth-chart-calculator)[मुफ़्त दोष जाँचक चलाएँ](https://merirashi.com/hi/dosha)
