# पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र: स्वभाव, देवता, करियर और पौराणिक कथा

> पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र वैदिक ज्योतिष में -- दशा स्वामी शुक्र, देवता आपः (जल देवता)। स्वभाव, करियर, अनुकूलता और पौराणिक कथा, सावधानी और स्पष्टता के साथ समझाई गई।
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नक्षत्र - पूर्वाषाढ़ा

## पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र

आर्केटाइप: पूर्वाषाढ़ा, शुक्र के अधीन हाथी दांत / पंखा। पूर्वाषाढ़ा का अर्थ है 'शुरुआती अजेय' -- इसका विषय है अपराजित दृढ़ विश्वास, अनुनय और नवीनीकरण व शुद्धि की शक्ति। ये जातक आत्मविश्वासी, प्रभावशाली और आदर्शवादी होते हैं, दूसरों को प्रेरित करने और बहस में दृढ़ रहने की प्रतिभा के साथ।

- Pada 20
- Apas (Water deities)
- Lord - Venus

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कथा

## पौराणिक कथा

आपः, दिव्य जल, ऋग्वेद में शुद्ध करने वाली, उपचार करने वाली माताओं के रूप में पूजित हैं, जो शरीर और आत्मा दोनों को स्वच्छ करती हैं। सभी जीवन को पोषित व नवीनीकृत करने वाले लौकिक जल के रूप में, वे पूर्वाषाढ़ा को अजेय पुनर्जनन का विषय देती हैं -- जल हमेशा अपना रास्ता खोज लेता है और सच में कभी हारता नहीं। पंखे का प्रतीक उस ठंडक और पुनर्जीवन देने वाले स्पर्श को दर्शाता है जो जो भी छुए उसे तरोताज़ा कर देता है।

## विवाह और संबंधों पर प्रभाव

रिश्तों के मामले में, पूर्वाषाढ़ा को मनुष्य गण और बंदर (नर) यौनि में रखा गया है। मनुष्य गण, बंदर-यौनि नक्षत्र होने के कारण पूर्वाषाढ़ा अन्य मानव-स्वभाव नक्षत्रों से गर्मजोशी से जुड़ता है; इसका प्रेरक, आदर्शवादी स्वभाव उस साथी के साथ फलता-फूलता है जो इसके दृढ़ विश्वास की सराहना करे और इसकी जीवंत, आशापूर्ण ऊर्जा का आनंद ले। व्यवहार में गण और यौनि अनुकूलता के केवल एक हिस्से हैं -- साझा मूल्य और परिपक्वता किसी भी एक मिलान-कारक से कहीं ज़्यादा मायने रखते हैं, इसलिए इन्हें संकेत मानें, अंतिम फ़ैसला कभी नहीं।

## करियर और धन

सार्वजनिक भाषण, वाद-विवाद, विधि और राजनीति इस प्रभावशाली नक्षत्र के अनुकूल हैं, साथ ही शिक्षण, लेखन और दर्शनशास्त्र भी। जल और जलयानों से जुड़ा काम, साथ ही प्रदर्शन कलाएं, इसकी प्रवाहमान, अभिव्यंजक प्रकृति से मेल खाती हैं। यह वहां उत्कृष्ट है जहां दृढ़ विश्वास और लोगों को प्रेरित करने की शक्ति संपत्ति हो। यहां स्थित कोई भी ग्रह -- विशेषकर चंद्रमा या लग्नेश -- पूर्वाषाढ़ा की छाप को काम में उतारता है; संपूर्ण व्यावसायिक पठन के लिए इसे दशम भाव के साथ मिलाकर देखें।

## स्वास्थ्य और ऊर्जा

नक्षत्र स्थिति शरीर से ज़्यादा स्वभाव के बारे में बताती है, पर पूर्वाषाढ़ा का शुक्र-स्वामित्व उन क्षेत्रों से हल्के ढंग से जुड़ा है जिन्हें शुक्र नियंत्रित करता है (प्रजनन तंत्र और गुर्दे)। संतुलन बनाए रखने के लिए मनुष्य-गण स्वभाव के अनुकूल आदतें अपनाएं; यह आत्म-समझ के लिए मार्गदर्शन है, कोई चिकित्सीय निदान नहीं।

## उपचारात्मक वैदिक कदम

सरल, मुफ़्त-प्रथम अभ्यास -- कभी ज़रूरी नहीं, हमेशा वैकल्पिक।

उपचारात्मक वैदिक कदम

पूर्वाषाढ़ा के साथ सामंजस्य बिठाने के लिए इसके देवता आपः (जल देवता) और दशा स्वामी शुक्र का सम्मान करें। पहले नि:शुल्क अभ्यास के रूप में "ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः" का जाप करें, और शुक्रवार पर सरल सेवा या दान करें। साथ ही इसके मूल विषय -- पूर्वाषाढ़ा का अर्थ है 'शुरुआती अजेय' -- पर सचेत रूप से चिंतन करें, ताकि इस नक्षत्र के गुण भय की बजाय समझ के साथ व्यक्त हों।

## पूर्वाषाढ़ा के चार पाद

पूर्वाषाढ़ा 13°20'-26°40' धनु तक फैला क्रमांक 20 का नक्षत्र है; पूर्वाषाढ़ा के चार पाद इस प्रकार हैं:

पाद 1 -- 13°20′-16°40′ धनु, अक्षर भू: सिंह नवमांश (अग्नि, स्वामी सूर्य)।

पाद 2 -- 16°40′-20°00′ धनु, अक्षर धा: कन्या नवमांश (पृथ्वी, स्वामी बुध)।

पाद 3 -- 20°00′-23°20′ धनु, अक्षर फा: तुला नवमांश (वायु, स्वामी शुक्र)।

पाद 4 -- 23°20′-26°40′ धनु, अक्षर ढा: वृश्चिक नवमांश (जल, स्वामी मंगल)।

चंद्रमा किसी भी चरण में पड़े, पूर्वाषाढ़ा की एक ही पहचान रहती है -- शुक्र के अधीन हाथी दांत -- और पूर्वाषाढ़ा की पाद-मार्गदर्शिका हर पाद को खोलती है।

## पूर्वाषाढ़ा की राशि

पूर्वाषाढ़ा का हर पाद एक ही राशि धनु (स्वामी गुरु) में है, इसलिए पूर्वाषाढ़ा का चंद्रमा राशि से धनु और नक्षत्र से पूर्वाषाढ़ा, दोनों एक साथ होता है। धनु व्यापक स्वभाव देती है, गुरु उसका राशीश है, और पूर्वाषाढ़ा बारीक परत जोड़ता है।

धनु एक द्विस्वभाव, अग्नि-तत्व राशि है, इसलिए पूर्वाषाढ़ा अपनी छाप के नीचे एक अग्नि आधार रखता है, जो शेष कुंडली के अनुसार स्थिति को रंगता है।

## पूर्वाषाढ़ा में कुंडली मिलान: गण, योनि, नाड़ी

पूर्वाषाढ़ा के तीन अष्टकूट कारक हैं: मनुष्य गण (6 गुण), बंदर (नर) योनि (4 गुण), और मध्य (पित्त) नाड़ी (सबसे भारी 8)। पूर्वाषाढ़ा में बंदर योनि तालमेल का अंक है, मनुष्य गण स्वभाव का।

वही मध्य (पित्त) नाड़ी पूर्वाषाढ़ा की "नाड़ी दोष" जाँच चलाती है: दो मध्य (पित्त)-नाड़ी कुंडलियाँ 8 गुण खोती हैं, पर पूर्वाषाढ़ा प्रायः निवारण पा लेता है। फिर भी पूर्वाषाढ़ा के मध्य (पित्त) नाड़ी, मनुष्य गण और बंदर योनि केवल इनपुट हैं जिन्हें पूर्वाषाढ़ा का मिलान तौलता है, कोई फ़ैसला नहीं।

योनि कूट में पूर्वाषाढ़ा की बंदर योनि शास्त्रीय रूप से भेड़ योनि से टकराती है, इसलिए पूर्वाषाढ़ा-भेड़ जोड़ी वहाँ कम अंक पाती है; पूर्वाषाढ़ा के लिए यह एक इनपुट है, बाधा नहीं।

## पूर्वाषाढ़ा में ग्रहों का बल

पूर्वाषाढ़ा की धनु भूमि में कोई ग्रह उच्च या नीच नहीं होता; धनु बस अपने स्वामी गुरु के अधीन है, जो पूर्वाषाढ़ा को यहाँ संतुलित रखता है।

पूर्वाषाढ़ा का दशा स्वामी शुक्र इस पूर्वाषाढ़ा की राशि में विशेष गरिमा नहीं पाता; फिर भी शुक्र किसी कुंडली में जहाँ बैठे, पूर्वाषाढ़ा का रंग वहीं प्रकट करता है।

किसी भी हाल में, शुक्र प्रेम, कला और विवाह का कारक है और अपनी तुला मूलत्रिकोण में सबसे बलवान, इसलिए शुक्र जिस भाव-राशि में बैठे, वहीं पूर्वाषाढ़ा के भाव प्रकट होते हैं।

गहरे नोट्स

पूर्वाषाढ़ा 27 नक्षत्रों में से क्रमांक 20 है, जो 13°20'-26°40' धनु (क्रांतिवृत्त पर 253.33°-266.67°) तक विस्तृत है। इसका विंशोत्तरी दशा स्वामी शुक्र है, अधिष्ठाता देवता आपः (जल देवता), गण मनुष्य और पशु-योनि बंदर (नर)। चारों पाद नवमांश राशियों सिंह, कन्या, तुला और वृश्चिक में पड़ते हैं, जो इस तारे की अभिव्यक्ति को इसके पूरे विस्तार में सूक्ष्म रूप से बदलते रहते हैं।

## अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मुझे कैसे पता चले कि मेरा चंद्रमा पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में है?

आपका चंद्रमा पूर्वाषाढ़ा तभी है जब पूर्वाषाढ़ा का अपना सायन (लाहिड़ी) देशांतर 13°20'-26°40' धनु में पड़े -- क्रमांक 20 की पट्टी। सूर्य राशि पूर्वाषाढ़ा नहीं दिखाती; केवल असली-एफेमेरिस कुंडली ही पूर्वाषाढ़ा के चंद्रमा का सटीक अंश और पाद बताती है।

क्या पूर्वाषाढ़ा विवाह के लिए अच्छा नक्षत्र है?

पूर्वाषाढ़ा गुण मिलान को मनुष्य गण, बंदर (नर) योनि और मध्य (पित्त) नाड़ी देता है, पर इनमें से कोई अकेले पूर्वाषाढ़ा को विवाह के लिए "अच्छा" या "बुरा" नहीं बनाता। पूरा पूर्वाषाढ़ा पठन सप्तम भाव, शुक्र और दोष-निवारण को भी तौलता है, इसलिए पूर्वाषाढ़ा के तीन कूट इनपुट रहते हैं -- कोई फ़ैसला नहीं जो पूर्वाषाढ़ा दो लोगों पर थोपे।

मैं पूर्वाषाढ़ा के किस पाद में हूँ?

पूर्वाषाढ़ा के चार पाद: पाद 1 -- 13°20′-16°40′ धनु; पाद 2 -- 16°40′-20°00′ धनु; पाद 3 -- 20°00′-23°20′ धनु; पाद 4 -- 23°20′-26°40′ धनु। कौन-सा आपका है यह पूर्वाषाढ़ा के 3°20′ चरणों में चंद्रमा के अंश से तय होता है, इसलिए पूर्वाषाढ़ा को असली कुंडली चाहिए; पूर्वाषाढ़ा के अक्षर क्रम से भू, धा, फा, ढा हैं।

पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र अच्छा है या बुरा?

कोई भी नहीं -- पूर्वाषाढ़ा क्रमांक 20 का नक्षत्र है, शुक्र शासित, देवता आपः (जल देवता) और प्रतीक हाथी दांत / पंखा के साथ, जो एक स्वभाव है, भाग्य नहीं। पूर्वाषाढ़ा कैसे प्रकट होता है यह उसमें बैठे ग्रहों, उनकी गरिमा और शेष कुंडली पर निर्भर है। पूर्वाषाढ़ा को शांति से पढ़ें: इसके भाव काम में लेने योग्य प्रवृत्तियाँ हैं जो पूर्वाषाढ़ा देता है, कोई थोपा हुआ दंड नहीं।

पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का स्वामी कौन-सा ग्रह है?

विंशोत्तरी में पूर्वाषाढ़ा का स्वामी शुक्र है, इसलिए शुक्र महादशा पूर्वाषाढ़ा के भावों को सबसे तीव्रता से जगाती है, और पूर्वाषाढ़ा का अधिष्ठाता देवता आपः (जल देवता) है। चूँकि पूर्वाषाढ़ा धनु में स्थित है, उस राशि का स्वामी भी पूर्वाषाढ़ा की स्थितियों का फल तय करता है।

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