# मंगला गौरी व्रत 2026-2027 तारीख़ और व्रत-विधि

> मंगला गौरी व्रत की सत्यापित 2026-2027 तारीख़ें, तिथि-चयन नियम, शहर से बदलने वाला समय, विधि और सुरक्षित उपवास मार्गदर्शन।
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आवर्ती व्रत मार्गदर्शिका

## मंगला गौरी व्रत कैलेंडर 2026-2027

मंगला गौरी व्रत श्रावण के मंगलवारों पर होता है और महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना तथा आसपास के समुदायों में नवविवाहित महिलाओं से विशेष रूप से जुड़ा है। गौरी को शक्ति, कल्याण और गृहस्थ साझेदारी के रूप में पूजा जाता है। सही कैलेंडर में दो सूची जरूरी हैं: उत्तर का पूर्णिमांत और पश्चिम-दक्षिण का अमांत श्रावण लगभग पंद्रह दिन अलग शुरू होता है।

अगला सूचीबद्ध व्रत

पहला मंगला गौरी व्रत

मंगलवार, 4 अगस्त 2026

श्रावण Tuesday - पूर्णिमांत

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आराध्य

गौरी (पार्वती)

कितनी बार

श्रावण मास के हर मंगलवार

कैलेंडर आधार

नई दिल्ली की पूर्णिमांत और अमांत सूचियाँ अलग दिखाई गई हैं। परिवार/क्षेत्र का एक कैलेंडर चुनें; दोनों की क्रम-संख्या न मिलाएँ।

सत्यापित तारीख़ें

## 2026 में मंगला गौरी व्रत की तारीख़ें

नई दिल्ली की पूर्णिमांत और अमांत सूचियाँ अलग दिखाई गई हैं। परिवार/क्षेत्र का एक कैलेंडर चुनें; दोनों की क्रम-संख्या न मिलाएँ।

| तारीख़        | व्रत                  | चंद्र नियम     | कैलेंडर    |
| ------------- | --------------------- | -------------- | ---------- |
| 4 अगस्त 2026  | पहला मंगला गौरी व्रत  | श्रावण Tuesday | पूर्णिमांत |
| 11 अगस्त 2026 | दूसरा मंगला गौरी व्रत | श्रावण Tuesday | पूर्णिमांत |
| 18 अगस्त 2026 | पहला मंगला गौरी व्रत  | श्रावण Tuesday | अमांत      |
| 18 अगस्त 2026 | तीसरा मंगला गौरी व्रत | श्रावण Tuesday | पूर्णिमांत |
| 25 अगस्त 2026 | दूसरा मंगला गौरी व्रत | श्रावण Tuesday | अमांत      |
| 25 अगस्त 2026 | चौथा मंगला गौरी व्रत  | श्रावण Tuesday | पूर्णिमांत |
| 1 सितंबर 2026 | तीसरा मंगला गौरी व्रत | श्रावण Tuesday | अमांत      |
| 8 सितंबर 2026 | चौथा मंगला गौरी व्रत  | श्रावण Tuesday | अमांत      |

सत्यापित तारीख़ें

## 2027 में मंगला गौरी व्रत की तारीख़ें

नई दिल्ली की पूर्णिमांत और अमांत सूचियाँ अलग दिखाई गई हैं। परिवार/क्षेत्र का एक कैलेंडर चुनें; दोनों की क्रम-संख्या न मिलाएँ।

| तारीख़        | व्रत                    | चंद्र नियम     | कैलेंडर    |
| ------------- | ----------------------- | -------------- | ---------- |
| 20 जुलाई 2027 | पहला मंगला गौरी व्रत    | श्रावण Tuesday | पूर्णिमांत |
| 27 जुलाई 2027 | दूसरा मंगला गौरी व्रत   | श्रावण Tuesday | पूर्णिमांत |
| 3 अगस्त 2027  | पहला मंगला गौरी व्रत    | श्रावण Tuesday | अमांत      |
| 3 अगस्त 2027  | तीसरा मंगला गौरी व्रत   | श्रावण Tuesday | पूर्णिमांत |
| 10 अगस्त 2027 | दूसरा मंगला गौरी व्रत   | श्रावण Tuesday | अमांत      |
| 10 अगस्त 2027 | चौथा मंगला गौरी व्रत    | श्रावण Tuesday | पूर्णिमांत |
| 17 अगस्त 2027 | तीसरा मंगला गौरी व्रत   | श्रावण Tuesday | अमांत      |
| 17 अगस्त 2027 | पाँचवाँ मंगला गौरी व्रत | श्रावण Tuesday | पूर्णिमांत |
| 24 अगस्त 2027 | चौथा मंगला गौरी व्रत    | श्रावण Tuesday | अमांत      |
| 31 अगस्त 2027 | पाँचवाँ मंगला गौरी व्रत | श्रावण Tuesday | अमांत      |

इस व्रत का अर्थ

## तारीख़ कैसे चुनी जाती है

तिथि-नियम

स्थानीय रूप से माने गए श्रावण मास के सभी मंगलवार लिए जाते हैं; पूर्णिमांत और अमांत श्रावण लगभग पंद्रह दिन के अंतर से शुरू होते हैं।

गौरी पार्वती का पोषक और दृढ़ रूप हैं। लोककथाएँ दांपत्य, संतान और आयु-संकट से मुक्ति कहती हैं, पर गहरा अर्थ अनुशासित देखभाल और पारस्परिक सहयोग है। हल्दी-कुमकुम, गीत, भोजन और खेल महिलाओं का सामुदायिक नेटवर्क बनाते हैं। पत्नी की रस्म को पति के स्वास्थ्य का नियंत्रण बताना अनुचित है; परिवार को श्रम बाँटकर साथ देना चाहिए।

व्यवहार

## व्रत कैसे करें

गौरी चित्र/कलश, फूल, हल्दी, कुमकुम, दीप, सोलह प्रतीक, कथा और साझा भोजन सामान्य हैं। कोई सभी मंगलवार या कई वर्षों का संकल्प लेता है, कोई एक दिन। तालिका हर तारीख़ के साथ कैलेंडर लिखती है ताकि 'पहला' और 'दूसरा' मंगलवार न मिलें।

स्थान-सजग

## शहर से बदलने वाला समय

मंगलवार सरल है, श्रावण सीमा नहीं। पूर्णिमांत मास पूर्णिमा बाद और अमांत अमावस्या बाद शुरू होता है। घर का पंचांग चुनकर उसी अंतराल के हर मंगलवार को मानें।

सुरक्षा

## स्वास्थ्य-प्रथम उपवास मार्गदर्शन

चार-पाँच सप्ताह के उपवास में पोषण न बिगाड़ें। गर्भावस्था, स्तनपान, एनीमिया, मधुमेह और दवा में नियमित भोजन लें। परिवार व्रती का काम कम करे।

परंपरा

## क्षेत्रीय और संप्रदाय अंतर

महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात, कर्नाटक, आंध्र, तेलंगाना और तमिल समुदाय सामान्यतः अमांत; उत्तर भारत पूर्णिमांत लेता है। मंगला गौरी, मंगला गोवरी और श्री मंगला गोवरी व्रतम नाम मिलते हैं।

## अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मंगला गौरी की दो तारीख़ सूचियाँ क्यों हैं?

पूर्णिमांत और अमांत मास लगभग पंद्रह दिन अलग शुरू होते हैं, इसलिए श्रावण मंगलवार अलग बनते हैं।

मंगला गौरी व्रत कौन रखता है?

विशेष रूप से विवाहित/नवविवाहित महिलाएँ, पर कोई भी गौरी पूजा कर सकता है और परिवार को सहयोग करना चाहिए।

क्या सभी मंगलवार उपवास जरूरी है?

सार्वभौमिक नियम नहीं; परिवार अनुसार हर मंगलवार, एक दिन या बिना उपवास पूजा हो सकती है।

पारदर्शिता

## तारीख़ संदर्भ

इन स्रोतों से स्थिर तारीख़-ऑडिट किया गया है। MeriRashi उन्हें रनटाइम पर स्क्रैप नहीं करता; स्थानीय पंचांग नियम फिर भी लागू हैं।

- [Drik Panchang -- Purnimanta and Amanta Mangala Gauri dates](https://www.drikpanchang.com/vrats/mangala-gauri-vrat-dates.html)

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## संबंधित आवर्ती व्रत

[प्रदोष व्रत कैलेंडर](https://merirashi.com/hi/vrat/pradosh)[पूर्णिमा व्रत कैलेंडर](https://merirashi.com/hi/vrat/purnima)[एकादशी व्रत कैलेंडर](https://merirashi.com/hi/vrat/ekadashi)

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[नई दिल्ली पंचांग](https://merirashi.com/hi/panchang/new-delhi)[त्योहार कैलेंडर](https://merirashi.com/hi/festivals)
